रात में मोबाइल पर सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग से नींद होती है खराब, इससे अवसाद और वजन बढ़ने की भी दिक्कतें
by : DesidesignerDesi-Designer-
रात में मोबाइल पर सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग से नींद होती है खराब, इससे अवसाद और वजन बढ़ने की भी दिक्कतें
सोशल मीडिया र गतिविधियों से
अपडेट रहने के लिए युवा दिनभर के काम निपटाने के बाद रात में सोने से पहले ऑनलाइन
स्क्रॉलिंग करते रहते हैं। लेकिन यह स्क्रॉलिंग कुछ मिनटों की बजाय कई घंटों तक
चलने लगती है। इससे नींद प्रभावित होती है और उन्हें दूसरी बीमारियों का शिकार बना
रही है रात में सोशल मीडिया पर
ऑनलाइन रहने का यह जुनून रिवेंज बेड टाइम प्रोकास्टिनेशन दूसरे कमरे में मोबाइल
रखकर सोने से आती है गहरी नींद जो लोग अपने कमरे में
मोबाइल रखकर सोते हैं। उनकी नींद कम गहरी होती है। यहां तक कि जो लोग सोने से पहले
मोबाइल या अन्य गैजेट्स का इस्तेमाल नहीं करते, वे उन लोगों के मुकाबले कम गहरी नींद सोते हैं, जिनके गैजेट्स दूसरे कमरे में रहते हैं।
बढ़ना और अवसाद की
समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं। शोध में शामिल वैज्ञानिकों कहना है कि यह स्थिति
इसलिए चिंताजनक है, क्योंकि युवा सबकुछ जानने
के बावजूद पर्याप्त कहलाता है। दरअसल,
कुछ शोध में पाया गया कि रात में स्क्रॉलिंग
करने और देरी से सोने की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, डाइबटीज, हृदय संबंधी समस्या तो
होती ही है। वजन भी बढ़ता हे अछी नींद लेने की बजाय
स्क्रॉलिंग कर रहे हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए आपको अपना स्क्रीन टाइम
घटाना बेहद जरूरी है।
वैज्ञानिकों ने सुझाव
देते हुए कहा कि रात में स्क्रीन की लत से दूर रहने के लिए आप अपने पसंदीदा शो को
न देखें। सोने से पहले सोशल मीडिया स्क्रॉल करना पसंद करते हैं तो फोन में टाइमर
लगाएं। एप के नोटिफिकेशन को कुछ घंटों के लिए ब्लॉक कर सकते हैं। सोने से पहले
रीडिंग, स्केचिंग, पेंटिंग, ध्यान करना या जानकारी बढ़ाने वाली चीजें खोजें। इससे
स्क्रीन टाइम कम होगा। आपको नींद अच्छी आएगी।
"social media quit"अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे ९६६००३६४९७